#बाहुबली #मजोजमुंतशिर ने कहा कि #हिंदुओ का #कत्लेआम करने वाले #अकबर का #शासनकाल #सर्वश्रेष्ठ तो रामराज्य क्या?-तो#कट्टरपंथियों ने देना शुरू किया गाली।

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‘हिंदुओं का कत्लेआम करने वाले अकबर का शासनकाल सर्वश्रेष्ठ तो रामराज्य क्या?’: मनोज मुंतशिर ने जब पूछा तो सवाल तो मची खलबली और गालीबाजी पर उतरे कट्टरपंथी।

बाहुबली के #लेखकमनोजमुंतशिर के #अकबर के #शासनकाल पर #उठाए गए #सवाल पर आए कुछ लोगो के #निशाने पर देखे क्या था पूरा #मामला।

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कवि मनोज मुंतशिर ने अपने हालिया वीडियो में मुगल बर्बरता का खुलासा किया है, जिसके बाद उन्हें लिबरलों, इस्लामियों और वामपंथी ‘इतिहासकारों’ के नफरतों का सामना करना पड़ रहा है। जिस पोस्ट में उन्होंने वीडियो को प्रमोट किया, उस पर काफी सारे अभद्र कमेंट्स किए गए। इतना ही नहीं, ‘इतिहासकार’ इरफान हबीब, तथाकथित पौराणिक कथाकार देवदत्त पटनायक और आरजे फहद उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने भारतीयों के खिलाफ मुगल आक्रमणकारियों की बर्बरता के बारे में बोलने पर कवि मनोज को खारिज किया।

अकबरकाल के #शासनकाल पर #सवाल उठाने पर #मनोजमुंतशिर आए कुछ लोगो के #निशाने पर।”जिओ बहादुर #जनेऊधारी” के #गाने लिखने के बाद भी #बहस तेज।

कवि द्वारा शेयर किए गए वीडियो की एक क्लिप में वह यह पूछते हुए दिखाई दे रहे थे कि हम भारतीय अपनी विरासत की विकृति को कैसे स्वीकार कर सकते हैं। उन्होंने पूछा कि हजारों भारतीयों को मारने वाले आक्रमणकारियों और लुटेरों को नायक के रूप में कैसे दिखाया जा सकता है। उन्होंने मुगलों की ‘महिमामंडित डकैतों’ के रूप में आलोचना की। उन्होंने लोगों से अपनी विरासत को पहचानने और बर्बर एवं लुटेरों को नायकों के रूप में महिमामंडित करने से बचने के लिए कहा।
देखे पूरी खबर वीडियो रिपोर्ट में।


#अकबर का #शासनकाल सर्वश्रेष्ठ तो #रामराज्य क्या?’: #मनोजमुंतशिर ने जब पूछा तो #सवाल तो #कट्टरपंथीयो में मची #खलभली।